ऐसी गरीब बेटियां जिनकी नहीं हो रही थी शादी सरकारी सम्मेलन बना वरदान

जबलपुर :वैसे तो पूरे जिले में सरकार द्वारा सम्मेलन के माध्यम गरीब कन्याओं की शादियां करवाई गईं जिनमें कई जोड़े शामिल थे लेकिन सिहोरा में एक ऐसा जोड़ा जिनमें दोनों दिव्यांग है खबरा निवासी वधु रंजीता पिता बर्मन पिता रंजेन्द्र बर्मन 19 वर्ष दोनों पैर से विकलांग है तो वहीं वर सुरेंद्र बर्मन पिता स्वर्गीय शोभाराम बर्मन उम्र 31 वर्ष एक आंख व एक पैर इसके अलावा इनकी गरीबी व आर्थिक स्तिथि कमजोर इनकी शादी में अड़चन बन रही थी जिसपर सरकारी मदद ने इनके लिए शादी करना आसान बना दिया

इसी तरह आर्थिक रूप से कमजोर खितौला लखराम मोहल्ला निवासी रिंकी कोल पिता रमेश कोल उम्र 22 वर्ष गरीबी परिस्तिथि के चलते विवाह करने में असमर्थ थे रिंकी के पिता मजदूर है व किसी तरह दो वक्त की रोटी के लिए दिनभर कड़ी मेहनत कर अपने परिवार का पालन पोषण करते है ऐसे में जवान बेटी की शादी करना उनके लिए बड़ा कठिन हो रहा था लेकिन सरकारी मदद व सम्मेलन इस गरीब की बेटी के लिए वरदान साबित हुआ वैसे तो इस सम्मलेन में 17 जोड़ो की शादी सम्पन्न हुई जिसमेँ 10 जोड़े नगर पालिका सिहोरा के शामिल थे और 7 जोड़े जनपद पंचायत सिहोरा के शामिल थे जनप्रतिनिधियों ने इन जोड़ों को आशीर्वाद प्रदान किया। सिहोरा विधायक नंदिनी मरावी के मुख्यातिथ्य, पूर्व मंत्री मंजू, पूर्व विधायक नित्य निरंजन खम्परिया, नगर पालिका अध्यक्ष सुशीला चौरसिया के विशिष्ट आतिथ्य में आयोजित सामूहिक विवाह आयोजन में बड़ी संख्या में वर-वधू के परिवारों के अलावा सिहोरा नगर एवं ग्रामीण क्षेत्र से आए लोग शामिल थे। वर-वधुुओं ने जैसे ही एक-दूसरे को वरमाला पहनाई अतिथियों और उपस्थित लोगों ने पुष्प वर्षा कर नव दंपती को आशीर्वाद प्रदान किया। वर पक्ष के सभी दूल्हों की सामूहिक बारात निकाली गई। बैंड बाजों की धुन पर वर पक्ष के लोग नाचते गाते सामुदायिक भवन पहुंचे। बग्घी पर सवार दूल्हों के मृगनयनी पहुंचने पर जनप्रतिनिधियों ने अगवानी कर दूल्हों की आरती उतारी और माला पहनाकर स्वागत किया।
इसी तरह आर्थिक रूप से कमजोर खितौला लखराम मोहल्ला निवासी रिंकी कोल पिता रमेश कोल उम्र 22 वर्ष गरीबी परिस्तिथि के चलते विवाह करने में असमर्थ थे रिंकी के पिता मजदूर है व किसी तरह दो वक्त की रोटी के लिए दिनभर कड़ी मेहनत कर अपने परिवार का पालन पोषण करते है ऐसे में जवान बेटी की शादी करना उनके लिए बड़ा कठिन हो रहा था लेकिन सरकारी मदद व सम्मेलन इस गरीब की बेटी के लिए वरदान साबित हुआ वैसे तो इस सम्मलेन में 17 जोड़ो की शादी सम्पन्न हुई जिसमेँ 10 जोड़े नगर पालिका सिहोरा के शामिल थे और 7 जोड़े जनपद पंचायत सिहोरा के शामिल थे जनप्रतिनिधियों ने इन जोड़ों को आशीर्वाद प्रदान किया। सिहोरा विधायक नंदिनी मरावी के मुख्यातिथ्य, पूर्व मंत्री मंजू, पूर्व विधायक नित्य निरंजन खम्परिया, नगर पालिका अध्यक्ष सुशीला चौरसिया के विशिष्ट आतिथ्य में आयोजित सामूहिक विवाह आयोजन में बड़ी संख्या में वर-वधू के परिवारों के अलावा सिहोरा नगर एवं ग्रामीण क्षेत्र से आए लोग शामिल थे। वर-वधुुओं ने जैसे ही एक-दूसरे को वरमाला पहनाई अतिथियों और उपस्थित लोगों ने पुष्प वर्षा कर नव दंपती को आशीर्वाद प्रदान किया। वर पक्ष के सभी दूल्हों की सामूहिक बारात निकाली गई। बैंड बाजों की धुन पर वर पक्ष के लोग नाचते गाते सामुदायिक भवन पहुंचे। बग्घी पर सवार दूल्हों के मृगनयनी पहुंचने पर जनप्रतिनिधियों ने अगवानी कर दूल्हों की आरती उतारी और माला पहनाकर स्वागत किया।

ये थे 17 जोड़े :

सामूहिक जोड़ों में वंदना-अनिल बर्मन वार्ड नंबर 16 खितौला बस्ती, प्रीति सिंह-इंदल सिंह ग्राम भरदा पौड़ी खुर्द, रिंकी कोल-रितेश मौर्य मिलोनीगंज जबलपुर, रेशमा बर्मन-प्रवीण बर्मन वार्ड नंबर 10 सिहोरा, सपना कोरी-मनीष कोरी रानीताल जबलपुर, आरती बर्मन-विनोद बर्मन नई बस्ती कंदराखेड़ा जबलपुर, पूजा ठाकुर-आशीष सिंह ठाकुर संजय नगर अधारताल जबलपुर, पूनम सिंह राठौर-राहुल कुमार भूमिया ग्राम गंगई , अंजना गौतम उमा गौतम वार्ड नंबर 16, रंजीता बर्मन-सुंदर लाल बर्मन नेगई, पूजा रैदास भागीरथ कुमार चौधरी वल्ली कोरी की दफाई सिद्ध बाबा जबलपुर, स्वाति कुर्मी-विपिन कुमार पटेल ग्राम बरगवां, रुकमणी दहायत-अनिल कुमार दहायत वार्ड नंबर 18 खितौला बस्ती, कल्पना बाई-धर्मेंद्र सिंह ग्राम पटना, ज्योति कोल-अशोक कुमार कोल ग्राम संतरा दशमन, भारती चमार उमाशंकर चौधरी ग्राम काला देही जबलपुर, शिवानी राठौर-उत्तम सिंह राठौर वार्ड नंबर 18 खितौला बस्ती।सामुदायिक भवन मृगनयनी में जयमाला कार्यक्रम के बाद जोड़ों ने अग्नि के सामने सात फेरे लिए और जन्म-जन्मांतर तक एक दूसरे का साथ निभाने का वादा किया। मुख्यमंत्री कन्यादान योजना के अंतर्गत वधू पक्ष को 48000 उसके खाते में भेजे जाएंगे आपको बता दें की इस योजना के तहत सरकार द्वारा 51000 की राशि दी जाती है जिसमें 3000 की राशि आयोजक संस्था द्वारा कार्यक्रम के वहन खर्च होती है।

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