इन मसाहबो को क्या कहें जो नकल करके भी परीक्षा में फेल हो गए

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भोपाल :शिक्षक एक ऐसा शब्द है जिसे समाज मे सम्मान व प्रतिष्ठा के साथ सबसे ज्ञानवान व बुद्धिजीवी माना जाता है जो की हमारे देश के भविष्य बच्चों को शिक्षा देकर उन्हें योग्य बनाते है लेकिन यहाँ पर तो अधिकांश मसाहब ही परीक्षा में आयोग्य साबित हो गए दैनिक भास्कर की खबर के मुताबिक प्रदेश के 70 सरकारी शिक्षक किताब देखकर भी दाेबारा परीक्षा में फेल हाे गए इनमें से एक शिक्षक भाेपाल से हैं।बताया जा रहा है की ये सभी मसाहब 14 अक्टूबर काे हुई शिक्षक संवर्धन की परीक्षा में बैठे थे अाैर इन सभी ने किताब रखकर परीक्षा भी दी । इसके बावजूद ये सभी सवा तीन घंटे के पेपर में 50 फीसदी अंक भी नहीं ला सके। फिलहाल लाेक शिक्षण संचालनालय ने इनकी उत्तर पुस्तिकाएं जांच के लिए मंगा ली हैं। जांच के बाद इनके खिलाफ अनिवार्य सेवानिवृत्ति की कार्रवाई भी हाे सकती है।तो वहीँ स्कूल शिक्षा मंत्री डॉ.प्रभुराम चौधरी पहले ही इन शिक्षकाें काे हटाने के निर्देश दे चुके हैं। विभाग ने फिलहाल फेल हाे चुके शिक्षकाें की सूची जारी नहीं की है।गौरतलब है की कि मप्र माध्यमिक शिक्षा मंडल की दसवीं के गणित विषय में सबसे ज्यादा छात्रों के फेल होने के बाद विभाग ने सभी क्लास के परीक्षा परिणामों की जांच कराई थी। इसमें 30 प्रतिशत और उससे कम परीक्षा परिणाम देने वाले करीब साढ़े तीन हजार शिक्षकों को चिहिंत किया गया था। इनकी परीक्षा गत 12 जून को आयोजित की गई थी। शिक्षकों को पास कराने के लिए किताब भी दी गई थी। पेपर 3 घंटे का था, लेकिन 15 मिनट अलग से पेपर को पढ़ने के लिए दिए गए थे। किताब होने के बाद भी करीब 1400 शिक्षक फेल हो गए थे। विभाग ने फेल होने वाले शिक्षकों को एक और मौका देते हुए पांच महीने बाद14 अक्टूबर को दोबारा परीक्षा आयोजित की।इसमें करीब साढ़े 12 सौ शिक्षक ही शामिल हुए, जबकि 117 शिक्षक परीक्षा देने ही नहीं पहुंचे। जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय में कॉफियों की जांच के बाद उनका रिजल्ट लोक शिक्षक विभाग को भेज दिया गया। भोपाल में 9 शिक्षकों ने एक्सीलेंस स्कूल में यह परीक्षा दी थी, इनमें से एक शिक्षक पास नहीं हो सके।वहीं अब प्रमुख सचिव स्कूल शिक्षा विभाग रश्मि अरुण शमी का कहना है की इन शिक्षकों ने कहां गलती की,है फिलहाल इसकी जांच की जाएगी साथ ही हमने सभी जिला शिक्षा अधिकारियों से शिक्षकों की कॉपियां मंगवाई है। हम देखना और समझना चाहते हैं कि आखिर शिक्षक कहां गलती कर रहे हैं। ऐसा क्या है, जिसके कारण वे प्रश्नों के उत्तर नहीं दे पाए।

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ख़बर चुराते हो अभी पोलखोल दूंगा
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