आदिवासी दिवस पर मुख्यमंत्री कमल नाथ का तोहफा आदिवासियों द्वारा साहूकारों से लिया कर्जा होगा माफ

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वन ग्रामों को राजस्व ग्राम बनाया जाएगा

180 करोड़ रूपये से अधिक के निर्माण कार्यो का भूमिपूजन एवं लोकार्पण

जबलपुर छिन्दवाडा/ /प्रदेश के अनुसूचित क्षेत्रों में रहने वाले आदिवासियों द्वारा साहूकारों से लिए गए सभी कर्ज माफ हो जाएंगे। इससे डेढ़ करोड़ आदिवासियों को लाभ मिलेगा। मुख्यमंत्री श्री कमलनाथ ने आज छिन्दवाड़ा में अंतर्राष्ट्रीय आदिवासी दिवस पर आयोजित राज्य स्तरीय समारोह में बताया कि सरकार ने इसके लिए सभी औपचारिक व्यवस्थाएं कर ली है। सभी89 अनुसूचित क्षेत्रों में यह कर्ज 15 अगस्त तक माफ होना शुरू हो जाएंगे। श्री कमल नाथ ने वन ग्रामों को राजस्व ग्राम बनाये जाने की भी जानकारी दी। उन्होंने बताया कि आदिवासी वर्ग की मांग पर अनुसूचित जनजाति विभाग का नाम बदलकर आदिवासी विकास विभाग किया जायेगा। मुख्यमंत्री श्री नाथ ने 148 करोड़ 64 हजार रूपये लागत के निर्माण कार्यो का भूमिपूजन और 32 करोड़ 6 लाख 94 हजार रूपये लागत के निर्माण कार्यो का लोकार्पण भी किया । उन्होंने आदिवासी संस्कृति पर केन्द्रित प्रदर्शनी का लोकार्पण कर उसका अवलोकन भी किया । साथ ही विभिन्न आदिवासी प्रतिभाओं को सम्मानित करने के साथ ही उन्हें लेपटॉप, नियुक्ति पत्र, लाइसेंस और चैक आदि भी प्रदाय किये ।

मुख्यमंत्री श्री कमल नाथ ने अंतर्राष्ट्रीय आदिवासी दिवस पर अनुसूचित जनजाति वर्ग के लिए कई ऐतिहासिक कामों का खुलासा किया। उन्होंनेसाहूकारों से लिए कर्ज माफ करने के संबंध में कहा कि किसी आदिवासी ने कर्ज लेने के लिए अपनी जेवर,जमीन गिरवी रखी है तो वह भी उन्हें वापिस होंगे । मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि भविष्य में कोई साहूकार अनुसूचित क्षेत्र में साहूकारी करेगा तो उसे लायसेंस लेकर नियमानुसार धंधा करना होगा। मुख्यमंत्री ने चेतावनी दी कि अगर बगैर लायसेंस के किसी ने अनुसूचित क्षेत्रों में साहूकारी का धंधा किया तो यह नियमों का उल्लंघन माना जाएगा और इसे गैरकानूनी माना जायेगा। यह कर्ज आदिवासी नहीं चुकाएंगे।

डेबिट कार्ड देंगे और हर हाट में खोलेंगे एटीएम

मुख्यमंत्री श्री कमल नाथ ने कहा कि प्रदेश के89 अनुसूचित क्षेत्र के विकासखंडों के आदिवासियों को साहूकारों से मुक्त कराने के लिए सरकार उन्हें रुपे, डेबिट कार्ड देगी। इसके जरिए वे जरूरत पड़ने पर दस हजार रुपये तक ए.टी.एम से निकाल सकेंगे। उन्होंने बताया कि हर हाट बाजार में ए.टी.एम. खोले जायेंगे।

खारिज वनाधिकार प्रकरणों का परीक्षण होगा

मुख्यमंत्री श्री कमल नाथ ने कहा कि अनुसूचित जनजाति वर्ग के जिन भी आदिवासियों के वनाधिकार के प्रकरण खारिज हुए हैं, उनका पुनरीक्षण किया जायेगा और पात्र होने पर उन्हें वनाधिकार पट्टा दिया जाएगा। श्री नाथ ने कहा कि जहाँ भी वनाधिकार प्रकरण संबंधी आवेदन लं‍बित है, उनका अभियान चलाकर निराकरण किया जायेगा।

मुख्यमंत्री मदद योजना

आदिवासी समाज में जन्म और मृत्यु के समय होने वाले रीति-रिवाजों का सम्मान करते हुए श्री कमल नाथ ने योजना मदद मुख्यमंत्री का शुभारंभ किया।उन्होंने कहा कि आदिवासी परिवार में अगर बच्चा या बच्ची का जन्म होता है तो उस परिवार को 50 किलो चावल अथवा गेहूँ दिया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा किइसी तरह अगर किसी आदिवासी परिवार में मृत्यु होती है तो उस परिवार को एक क्विंटल चावल अथवा गेहूँ दिया जाएगा। इस मौके पर खाना बनाने के लिए उन्हें बड़े बर्तन भी उपलब्ध करवाए जाएंगे ।

खेलकूद शिक्षा के लिए महत्वपूर्ण घोषणाएं

मुख्यमंत्री श्री कमल नाथ ने अंतर्राष्ट्रीय आदिवासी दिवस पर उनकी शिक्षा और खेल के क्षेत्र में अवसर देने के लिए भी कई घोषणाएं की है। मुख्यमंत्री ने कहा कि आदिवासी बहुल क्षेत्रों में 40 एकलव्य विद्यालय खोले जाएंगे। इनमें आदिवासी बच्चों के लिए अच्छी पढ़ाई के साथ-साथ अन्य सुविधाओं भी होंगी। इसी तरह 40 हाई स्कूलों क उन्नयन कर उन्हें हायर सेकेण्डरी स्कूल बनाया जाएगा। आदिवासी क्षेत्रों में सात नए खेल परिसर बनेंगें जिनमें अंतर्राष्ट्रीय स्तर की खेल सुविधाएं होंगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि आदिवासी क्षेत्रों के विद्यालयों में पढ़ाने वाले 53 हजार अध्यापकों को शासकीय शिक्षकों के समान सुविधाएँ मिलेंगी।

मुख्यमंत्री श्री कमल नाथ ने कहा कि आदिवासी समाज के देवस्थलों को सुरक्षित रखने और उन्हें संरक्षण देने के लिए सरकार ने आष्ठान योजना शुरु की है। इससे हम आदिवासी समुदाय के कुल देवता और ग्राम देवी-देवताओं के स्थानों में स्थापित देवगुढ़ी/मढ़िया/देवठान का संरक्षण किया जायेगा । उनका जीर्णोध्दार किया जायेगा और श्रृध्दालुओं की सुविधा के लिए सामुदायिक भवनों का निर्माण किया जायेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि आदिवासी संस्कृति और उनके गौरवशाली इतिहास को संरक्षित करने के लिए राजा शंकरशाह एवं कुंवर रघुनाथ शाह की स्मृति में जबलपुर में 500 करोड़ रुपये की लागत से संग्रहालय बनाया जायेगा।

आदिवासी संस्कृति क सभ्यता और इतिहास को नौजवान बचाने का संकल्प लें

मुख्यमंत्री श्री कमल नाथ ने अंतर्राष्ट्रीय आदिवासी दिवस पर आयोजित राज्य स्तरीय समारोह में ने कहा कि आज सबसे ज्यादा जरूरी यह है कि हमारे आदिवासी समाज की गौरवशाली संस्कृति, सभ्यता और इतिहास को सुरक्षित रखें। उन्होंने आदिवासी समाज के युवकों से आव्हान कि वे आज के दिन यह संकल्प लें कि वे अपनी संस्कृति, सभ्यता और इतिहास को जीवित रखेंगे, उन्हें सुरक्षित रखेंगे। उन्होंने कहा कि आदिवासी समाज में जो भटकाव पैदा हो रहा है, आज उसे रोकने की आवश्यकता है । इसके लिए नौजवानों को आगे आने की जरूरत है। मुख्यमंत्री ने कहा कि आज हमारे जंगल सुरक्षित है अभी तक हमारा जो पर्यावरण प्रदूषणरहित था, उसका श्रेय आदिवासी समाज को जाता है जिन्होंने जंगलों को सुरक्षित रखा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि मध्यप्रदेश में नई सरकार बनने के बाद प्रदेश सरकार ने जो प्राथमिकताएं तय की और जिस नई सोच के साथ काम शुरु किया उसमें हमने सबसे पहले आदिवासियों, पिछड़े क्षेत्रों और पिछड़े वर्गों क चिंता की और उनके हित में कई फैसले किए। श्री नाथ ने कहा कि हम संकल्पित हैं कि प्रदेश में आदिवासी विकास के संर्वागीण विकास और उनके हित में काम करेंगे।

भारत छोड़ो आंदोलन में आदिवासियों का भी रहा योगदान

मुख्यमंत्री श्री नाथ ने कहा कि आज का दिन 9 अगस्त 1942 के भारत छोड़ो आंदोलन का ऐतिहासिक दिन भी है । इस आंदोलन से देश में कई स्वतंत्रता सेनानी सामने आये और उन्होंने अंग्रेजों को देश से भगाने में अपना योगदान दिया जिससे हम आज स्वतंत्र है। उन्होंने कहा कि इस ऐतिहासिक आंदोलन में आदिवासियों का भी योगदान रहा है तथा इस आंदोलन के ऐतिहासिक दिन के साथ ही विश्व आदिवासी दिवस का आयोजन अपने आप में महत्वपूर्ण है ।

गर्व है मुझे आदिवासी संबोधित करने पर

समारोह में अनुसूचित जनजाति विकास मंत्री श्री ओमकार सिंह मरकाम ने कहा कि नई सरकार ने कम समय में आदिवासी वर्गों के लिए जितने बड़े फैसले लिए है वह एतिहासिक दस्तावेज बन गए हैं। उन्होंने कहा कि इन फैसलों से आदिवासी समाज की उन्नति का नया मार्ग खुलेगा और वे पिछड़ेपन के दंश से उबर कर सम्मानित जीवन जीने की ओर अग्रसर होंगे। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री श्री कमल नाथ ने जिस तरह से आदिवासियों के हित में फैसले लिए है इसलिए मैं कहता हूँ कि वे स्वयं आदिवासी है क्योंकि उनकी चिंता इस वर्ग के लिए ऐसे ही है जैसे वे हमारे समाज का प्रतिनिधित्व कर रहे हों। मुख्यमंत्री श्री कमल नाथ ने कहा कि मुझे गर्व है कि उन्हें आदिवासी माना गया उन्होंने कहा यह मेरे लिए सम्मान और आदर की बात है और मुझे इस पर गर्व है।

अनुसूचित जनजाति विकास मंत्री श्री मरकाम ने कहा कि श्री कमल नाथ पहले ऐसे मुख्यमंत्री है जिन्होंने यह कहा कि आदिवासी समाज के लिये कौन-कौन से कार्य किये जाना है, यह बताये । उन्होंने मुख्यमंत्री द्वारा दी गई सौगातों की चर्चा करते हुये बताया कि जिले के कन्या शिक्षा परिसर हर्रई और तामिया को एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय में अपग्रेड किया जायेगा जिससे छात्राओं के साथ ही छात्रों को भी इसका लाभ मिलेगा । इन दोनों स्थानों पर 10-10 करोड़ रूपये की लागत से छात्रावास भवनों का निर्माण किया जायेगा । आदिम जाति कल्याण विभाग के अंतर्गत जिले में संचालित सभी कन्या छात्रावास और आश्रमों में बाउंड्रीवाल का निर्माण किया जायेगा । जिले में संचालित सभी छात्रावास और आश्रमों में शुध्द पेयजल के लिये आर.ओ. सहित वॉटर कूलर की स्थापना की जायेगी तथा एल.ई.डी. टी.व्ही. लगाई जायेगी । जिले में संचालित सभी कन्या छात्रावासों में सी.सी.टी.व्ही.कैमरे लगायें जायेंगे और जिले में संचालित सभी आश्रमों में गर्म पानी की सुविधा के लिये गीजर लगाया जायेगा । उन्होंने कहा कि छात्रावासों में बालकों की शिष्यवृत्ति की राशि 1140 रूपये प्रतिमाह से बढ़ाकर 1230 रूपये और कन्या की शिष्यवृत्ति की राशि 1180 रूपये प्रतिमाह से बढ़ाकर 1270 रूपये की जायेगी तथा शिष्यवृत्ति की अवधि 10 माह से बढ़ाकर 12 माह की जायेगी । उन्होंने कहा कि सभी सीनियर छात्रावासों में 2 माह अवकाश के दौरान विद्यार्थियों को अंग्रेजी और कम्प्यूटर की कोचिंग दी जायेगी । इसी प्रकार छिन्दवाड़ा में अशोक लीलैण्ड के माध्यम से आदिवासी युवक-युवतियों को ड्रायविंग का प्रशिक्षण दिया जायेगा और प्रशिक्षण का पूरा शुल्क शासन द्वारा दिया जायेगा । प्रशिक्षण संस्था में 400 प्रशिक्षणार्थियों के ठहरने की व्यवस्था के लिये भारत शासन के सहयोग से हॉस्टलों का निर्माण कराया जायेगा । साथ ही प्रदेश भर से आने वाले प्रशिक्षणार्थियों के ड्रायविंग लायसेंस बनाने के लिये छिन्दवाड़ा जिले के ग्राम लिंगा में स्थित अशोक लीलैण्ड ड्रायविंग प्रशिक्षण संस्थान में परिवहन विभाग द्वारा केन्द्र की स्थापना की जायेगी जिससे सभी प्रशिक्षणार्थियों के ड्रायविंग लायसेंस बनाने में सुविधा होगी । उन्होंने कहा कि आदिवासियों के परम्परागत अनाज कोदो, कुटकी, सावां आदि की मांग बड़े शहरों में देखते हुये आदिवासी किसानों को इसका उचित मूल्य दिलाने के लिये ई-मार्केटिंग प्लेटफार्म तैयार कराया जायेगा । प्रदेश के लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी एवं जिले के प्रभारी मंत्री श्री सुखदेव पांसे ने सभी को विश्व आदिवासी दिवस की बधाई देते हुये कहा कि छिन्दवाड़ा जिले से विश्व आदिवासी दिवस को एक महोत्सव के रूप में मनाये जाने की शुरूआत की जाना अविस्मरणीय है । मुख्यमंत्री श्री कमल नाथ का आदिवासियों के प्रति विशेष स्नेह होने के कारण ही इस जिले से इस महोत्सव की शुरूआत हुई है । उन्होंने कहा कि आदिवासी समाज बहुत भोला-भाला है और हमेशा छल-कपट से दूर रहता है । इस समाज में अभी तक दहेज के प्रकरण सामने नहीं आये है जो कि गौरव का विषय है । आदिवासी समाज दहेज के क्षेत्र में अन्य समाजों को दिशा देने वाला समाज है । उन्होंने कहा कि प्रदेश के मुख्यमंत्री ने आदिवासी समाज की उपेक्षा और पिछड़ेपन को दूर करने के लिये विभिन्न निर्णय लेकर उनका क्रियान्वयन शुरू कराया है । उन्होंने बताया कि जिले के सांसद श्री नकुल नाथ द्वारा ध्यानाकर्षण कराये जाने पर मुख्यमंत्री से मेरे द्वारा चर्चा करने पर मुख्यमंत्री द्वारा छिन्दवाड़ा जिले के हितग्राहियों के लिये प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत 6 करोड़ 66 लाख रूपये की राशि जारी कर दी गई है ।

जिले के सांसद श्री नकुल नाथ ने कहा कि संयुक्त राष्ट्र संघ द्वारा 1995 में विश्व आदिवासी दिवस घोषित किया गया है तथा मध्यप्रदेश के 89 आदिवासी विकासखंडों सहित छिन्दवाड़ा में ऐतिहासिक रूप से पहली बार विश्व आदिवासी दिवस को त्यौहार के रूप में मनाया जा रहा है । उन्होंने कहा कि आदिवासी संस्कृति व सभ्यता विश्व की सबसे पुरानी संस्कृति व सभ्यता है । आदिवासी समाज में इस संस्कृति व सभ्यता के माध्यम से अपने आपको जागरूक रखा है । उन्होंने कहा कि इस तरह का त्यौहार प्रतिवर्ष मनाया जाना चाहिये । कार्यक्रम में विधायक सर्वश्री निलेश उईके, कमलेश शाह व सुनील उईके और पूर्व विधायक श्री जतन उईके ने भी अपने विचार व्यक्त किये । इस अवसर पर नगर निगम महापौर श्रीमती कांता सदारंग, पूर्व मंत्री श्री दीपक सक्सेना, विधायक श्री सोहनलाल वाल्मीक और सुजीत चौधरी, श्री गंगाप्रसाद तिवारी और अन्य जनप्रतिनिधि, कलेक्टर डॉ.श्रीनिवास शर्मा, आदिवासी विकास विभाग के संचालक श्री राकेश सिंग, पुलिस अधीक्षक श्री मनोज कुमार राय, मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत डॉ.वरदमूर्ति मिश्रा, अतिरिक्त कलेक्टर श्री राजेश शाही, एस.डी.एम. श्री अतुल सिंह, नगर निगम आयुक्त श्री इच्छित गढ़पाले, सहायक आयुक्त आदिवासी विकास श्री एन.एस.बरकडे, अन्य अधिकारी, आदिवासी संगठनों के पदाधिकारी, पत्रकार तथा बड़ी संख्या में आदिवासी समाज के महिला पुरूष और नागरिकगण उपस्थित थे ।

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