आज का पंचांग,20 जुलाई 2020

आज का हिन्दू पंचांग
दिनांक 20 जुलाई 2020
दिन – सोमवार
विक्रम संवत – 2077
अयन – दक्षिणायन
ऋतु – वर्षा
मास – श्रावण
पक्ष – कृष्ण
तिथि – अमावस्या रात्रि 11:03 तक तत्पश्चात प्रतिपदा
नक्षत्र – पुनर्वसु रात्रि 09:21 तक तत्पश्चात पुष्प
योग – हर्षण रात्रि 07:53 तक तत्पश्चात वज्र
राहुकाल – सुबह 07:35 से सुबह 09:15 तक
सूर्योदय – 06:08
सूर्यास्त – 19:21
दिशाशूल – पूर्व दिशा में
व्रत पर्व विवरण – दर्श अमावस्या, हरियाली अमावस्या, सोमवती अमावस्या (सूर्योदय से रात्रि 11:03 तक), दिवासा-रात्रि जागरण
💥 विशेष – अमावस्या के दिन स्त्री-सहवास तथा तिल का तेल खाना और लगाना निषिद्ध है।
💥 चतुर्मास के दिनों में ताँबे व काँसे के पात्रों का उपयोग न करके अन्य धातुओं के पात्रों का उपयोग करना चाहिए।(स्कन्द पुराण)
💥 चतुर्मास में पलाश के पत्तों की पत्तल पर भोजन करना पापनाशक है।

🌷 सोमवती अमावस्या पर विशेष मंत्र 🌷
💵 जिनको पैसो की कमजोरी है वह तुलसी माता की १०८ प्रदिक्षणा करें | और श्री हरि…. श्री हरि…. श्री हरि…. श्री हरि…. ‘श्री’ माना सम्पदा, ‘हरि’ माना भगवान की दया पाना | तो गरीबी चली जायेगी |

🌷 नकारात्मक ऊर्जा मिटाने के लिए 🌷
🏡 घर में हर अमावस अथवा हर १५ दिन में पानी में खड़ा नमक (१ लीटर पानी में ५० ग्राम खड़ा नमक) डालकर पोछा लगायें । इससे नेगेटिव एनेर्जी चली जाएगी । अथवा खड़ा नमक के स्थान पर गौझरण अर्क भी डाल सकते हैं ।

🌷 समृद्धि बढ़ाने के लिए 🌷
कर्जा हो गया है तो अमावस्या के दूसरे दिन से पूनम तक रोज रात को चन्द्रमा को अर्घ्य दे, समृद्धि बढेगी ।
🙏🏻 दीक्षा मे जो मन्त्र मिला है उसका खूब श्रध्दा से जप करना शुरू करें,जो भी समस्या है हल हो जायेगी ।

🌷 स्कन्दपुराण के प्रभास खंड के अनुसार
“अमावास्यां नरो यस्तु परान्नमुपभुञ्जते ।। तस्य मासकृतं पुण्क्मन्नदातुः प्रजायते”
🍲 जो व्यक्ति अमावस्या को दूसरे का अन्न खाता है उसका महिने भर का पुण्य उस अन्न के स्वामी/दाता को मिल जाता है।

🌷 खेती के काम में ये सावधानी रहे 🌷
🚜 ज़मीन है अपनी… खेती काम करते हैं तो अमावस्या के दिन खेती का काम न करें …. न मजदूर से करवाएं | जप करें भगवत गीता का ७ वां अध्याय अमावस्या को पढ़ें …और उस पाठ का पुण्य अपने पितृ को अर्पण करें … सूर्य को अर्घ्य दें… और प्रार्थना करें ” आज जो मैंने पाठ किया …अमावस्या के दिन उसका पुण्य मेरे घर में जो गुजर गए हैं …उनको उसका पुण्य मिल जाये | ” तो उनका आर्शीवाद हमें मिलेगा और घर में सुख-सम्पति बढ़ेगी l

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