अभियोजन अधिकारियों के आरोप आपत्तिजनक करेंगे विधिक कार्यवाही

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(ननकू यादव )

जिले के जी पी/ए जी पी ने जिला एवं सत्र न्यायाधीश, कलेक्टर और अधिवक्ता संघ अध्यक्ष को सौंपा ज्ञापन

सतना :लोक अभियोजक और अपर लोक अभियोजकों ने कलेक्टर डॉ सत्येंद्र सिंह,जिला एवं सत्र न्यायाधीश श्री रमेश कुमार सोनी सहित जिला अधिवक्ता संघ अध्यक्ष श्री राजबहादुर सिंह को शनिवार सुबह ज्ञापन सौंपा। लोक अभियोजक और अपर लोक अभियोजकों ने अभियोजन अधिकारियों द्वारा लगाए गए आरोपों पर आपत्ति जताते हुए कहा, जिले के अभियोजन अधिकारी झूठे और बेबुनियाद आरोप लगा रहे हैं। जीपी/एजीपी की नियुक्ति भा.द. प्रक्रिया संहिता १९७३ की धारा २४ में विहित प्रावधानों के अनुसार जिला एवं सत्र न्यायाधीश की सलाह पर तैयार किए गए पैनल में से राज्य /शासन द्वारा की जाती है। जीपी/एजीपी विधि एवं विधायी कार्य विभाग की नियमावली से बंधे होते है।
ज्ञापन में अपर लोक अभियोजकों ने आरोप लगाया, कि भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की विशेष न्यायालय में २००५ से २०१७ तक जीपी रमेश मिश्रा द्वारा पैरवी किए जाने पर कोई भी आरोपी बरी नहीं हुआ। जबकि २०१७ के बाद से अभियोजन अधिकारियों द्वारा पैरवी किए जाने से आधा दर्जन भ्रष्टाचार के आरोपी बरी हो चुके हैं। यही स्थिति अन्य मामलों में भी है। वहीं अल्प सुविधाओं के बाद भी जीपी/ एजीपी सशक्त ढग़ से पैरवी कर रहे हैं। ज्ञापन सौपने वालों में जी पी रमेश मिश्रा, ए जी पी उमेश कुमार शर्मा (अमरपाटन) गिरजेश पाण्डेय, रावेंद्र सिंह, हनुमान शुक्ला,राघवेंद्र सिंह सहित बड़ी संख्या में अन्य अधिवक्ता मौजूद रहे।

*करेंगे विधिक कार्रवाई*-
जी पी रमेश मिश्रा ने कहा, जीपी/एजीपी की नियुक्ति पर प्रश्नचिन्ह लगाना जिला एवं सत्र न्यायाधीश व जिला दंडाधिकारी के कार्यव्यवहार को प्रश्नगत करने के साथ ही आपत्तिजनक व अपमानित करने वाला कृत्य है। जबकि जिले में अनेक अभियोजन अधिकारी एक दशक से भी अधिक समय से पदस्थ हैं। जिनके स्थानीय संबंध अत्यंत पुख्ता हैं।

*अधिवक्ता संघ ने भी कहा टिप्पणी अपमानजनक*-
जिला अधिवक्ता संघ लोक अभियोजकों के पक्ष में खुलकर सामने आ गया है। जिला अधिवक्ता संघ अध्यक्ष राजबहादुर सिंह ने मुख्यमंत्री कमलनाथ,प्रमुख सचिव विधि एवं विधायी कार्य विभाग, संचालक आभियोजन संचालनालय और कलेक्टर सतेंद्र सिंह एवं सत्र न्यायाधीश को पत्र लिखकर अभियोजन अधिकारियों द्वारा जीपी, एजीपी के विरुद्ध की गई टिप्पणी को आपत्तिजनक और अपमानकारी बताते हुए कहा है कि जीपी/ एजीपी संसाधनों के आभाव के बाद भी अच्छा कार्य कर रहे हैं। अभियोजन अधिकारी एक दशक से अधिक समय से पदस्थ है जो कि राज्य शासन की नीतियों के विपरीत है। अध्यक्ष ने पत्र लिख कर ज्ञापन तथ्यों को संज्ञान में लेते हुए शीघ्र कार्रवाई करने का अनुरोध किया है।

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ख़बर चुराते हो अभी पोलखोल दूंगा
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